Category : Hindi/Urdu Poetry

तुम तो नहीं थे बेवफ़ा तुम तो नहीं थे बेवफ़ा

हजार तीर चुभे हैं दिलमें एक और सही खूँ तो बचा जितना था उतना ही बहेगा ! हर कतरा कहेगा तुम तो नहीं थे बेवफ़ा .. तुम तो नहीं थे

गुजरा दिन गुजरा दिन

गुजरा भी तो क्या गुजरा यह दिन सतानेवाली रात भी महबूबा लग रही है कोई क्या समझे मेरे दिल पे क्या गुजरी है धुप में जलके राख होती तो बेहतर

बेवकुफ़ियाँ बेवकुफ़ियाँ

वह बेवकुफ़ियाँ ही हैं जिन्होंने जीना सिखाया वरना सही करते करते कब के बिगड़ जाते हम धुपमें सुलगते हुवे सीखा ख़्वाबोंको सींचना वरना बारिश याद करते कब के उजड़ जाते

सूरज को ढलना था सूरज को ढलना था

सूरज को ढलना था सो ढल गया आज फिर एक मौसम बदल गया पंछियोंका बसेरा भी क्या बसेरा पंछी ऊब गया सो निकल गया ख़्वाब ख़त्म हो जाए तो पूरा

अब तू ही अब तू ही

अब तू ही छोड़ चली जा यादोंको वरना मुश्किल है तुझे भूल जाना या तो एक बार दिलकी राख कर जा क्यों है तुझे उसे रोज रोज जलाना दवा बता

हिसाब-सवाब हिसाब-सवाब

फुरसत मिली है आज राही, कुछ हिसाब कर ही लूँ जोड़ तोड़ ही सही एक बार, सिफर को जवाब कर ही लूँ कुछ पल पूछ रहे हैं बेसब्र, गए वक़्त

कहानी कहानी

उठी हैं पलकें, ख़त्म है कहानी अंगड़ाई ले रही है, फुलोंकी रानी कहानी थी एक सहजादेकी उतरा था जो बादलोंसे ढूंढ रहा था, सपनोंकी रानी हर डगर हर पल सालोंसे

यह दुनिया यह दुनिया

यह दुनिया छोटी है गोल है सब झूठ है सब झूठ है ऐसा ना होता तो कभी ना कभी तो वो डगर आती जिसपर तुम आँखे बिछाए खड़ी होती हो!

इश्क़ होनेसे पहले इश्क़ होनेसे पहले

नरम होठोंसे कभी कहती है कुछ चमकती है बिजली जैसे कभी ख़ामोश होती है फ़िरभी अब मैं सब समझने लगा हूँ फिरता था सुलझाते सवाल सारे इश्क़ होनेसे पहले और

तलाश तलाश

मेरी उम्रभर की तलाश थी एक पलमें तुने मिला दिया एक नजरमें बरसों बिछड़े दिलसे दिलको मिला दिया तू न जाने तूने है क्या किया ख़्वाब जिंदगीसे मिला दिया तुझसे