कहानी

उठी हैं पलकें, ख़त्म है कहानी अंगड़ाई ले रही है, फुलोंकी रानी कहानी थी एक सहजादेकी उतरा था जो बादलोंसे ढूंढ रहा था, सपनोंकी रानी हर डगर हर पल सालोंसे फिर जाने की, सोच रहा था बैठा था उदास होके Read More …

यह दुनिया

यह दुनिया छोटी है गोल है सब झूठ है सब झूठ है ऐसा ना होता तो कभी ना कभी तो वो डगर आती जिसपर तुम आँखे बिछाए खड़ी होती हो! क्योंकी मैं तो बड़ी देर से बस चलता ही जा Read More …

इश्क़ होनेसे पहले

नरम होठोंसे कभी कहती है कुछ चमकती है बिजली जैसे कभी ख़ामोश होती है फ़िरभी अब मैं सब समझने लगा हूँ फिरता था सुलझाते सवाल सारे इश्क़ होनेसे पहले और अब हर एक छोटीसी अदाओंसे उलझने लगा हूँ

तलाश

मेरी उम्रभर की तलाश थी एक पलमें तुने मिला दिया एक नजरमें बरसों बिछड़े दिलसे दिलको मिला दिया तू न जाने तूने है क्या किया ख़्वाब जिंदगीसे मिला दिया तुझसे जुडी हैं मेरी मंजिलें तुझपेही ख़त्म हैं सिलसिले ये तेरे Read More …

पधारो नी बालमवा

पधारो नी बालमवा मनवामें मारो तो घुँघट खोलूँ तोसे बोलूँ सावरा छब तोरी कनखियोंसे तोलूँ पधारो नी बालमवा अंगनामे मारो तो दीप जलाऊँ तोसे खिलाऊँ हाथोंसे अपने तोरी नजर उतार लाऊँ पधारो नी बालमवा साँसोंमे मारो तन मन बना लूँ Read More …

सारे चिराग

सारे चिराग ए मुहब्बत जलाए रखिये उनका इस गलीसे गुजरने का वक़्त है ख़्वाबोँसे पलकोंका परदा उठाए रखिये उनका इन आँखोंमे बसरने का वक़्त है हवा महसूस करे है उसे ना दबाए रखिये उनका इन झोकोंमे महकने का वक़्त है Read More …

पी जो नहीं

जी करता है गोदमें तेरे सर रख कर सो लूँ बरसो बादल रोका है सब आजही मैं रो लूँ पी जो नहीं तो कैसा दरपन कैसे ये दिन रैन तन मन पी के पैरोमें अब अतमन भी खो लूँ जो Read More …