Category :Poetry

एक ऐसा शहर..

अगर मैं कोई जादुगर होता हर एक पल को बुलबुला बना देता ख़त्म हो जाते कुछ लम्होंमें फिर कभी न आते यादोंमे याद आती भी तो हर याद को कश्ती

कुछ राह चलते मुसाफ़िर..

कल रात चाँदभी अकेला था जाने किसकी राह देख रहा था लग रहा था के यह रात ऐसेही बीत जाएगी कुछ राह चलते मुसाफ़िर घर आए तब मैं यादोंमे कुछ

Six Degrees of Freedom..

World has started falling on me why I am going wild ? thoughts are breaking into pieces no way to find six degrees of freedom.. n no control on mind

The Falling Star..

I used to look at the sky from night till the morning I wished for once I could see a star falling Days went like winds but nights remained as

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