तुम तो नहीं थे बेवफ़ा

हजार तीर चुभे हैं दिलमें एक और सही खूँ तो बचा जितना था उतना ही बहेगा ! हर कतरा कहेगा तुम तो नहीं थे बेवफ़ा .. तुम तो नहीं थे बेवफ़ा हर शहर का अंजाम है खंडहर हो जाना मेरा Read More …

गुजरा दिन

गुजरा भी तो क्या गुजरा यह दिन सतानेवाली रात भी महबूबा लग रही है कोई क्या समझे मेरे दिल पे क्या गुजरी है धुप में जलके राख होती तो बेहतर होता हर एक ख़्वाहिश रूबरू सुलग रही है कुछ दिन Read More …

बेवकुफ़ियाँ

वह बेवकुफ़ियाँ ही हैं जिन्होंने जीना सिखाया वरना सही करते करते कब के बिगड़ जाते हम धुपमें सुलगते हुवे सीखा ख़्वाबोंको सींचना वरना बारिश याद करते कब के उजड़ जाते हम मेरा होनाही है सबूत मेरे होने का दोस्तों गर Read More …

सूरज को ढलना था

सूरज को ढलना था सो ढल गया आज फिर एक मौसम बदल गया पंछियोंका बसेरा भी क्या बसेरा पंछी ऊब गया सो निकल गया ख़्वाब ख़त्म हो जाए तो पूरा हो क्यों किसीका फ़साना अधूरा हो क्या दिन क्या रातका Read More …

अब तू ही

अब तू ही छोड़ चली जा यादोंको वरना मुश्किल है तुझे भूल जाना या तो एक बार दिलकी राख कर जा क्यों है तुझे उसे रोज रोज जलाना दवा बता जिससे मेरा दर्द हो कम या तो जहर दे ख़त्म Read More …

हिसाब-सवाब

फुरसत मिली है आज राही, कुछ हिसाब कर ही लूँ जोड़ तोड़ ही सही एक बार, सिफर को जवाब कर ही लूँ कुछ पल पूछ रहे हैं बेसब्र, गए वक़्त उनका क्या बना ? सियाही ओ अश्क़ से सने हैं, Read More …

कहानी

उठी हैं पलकें, ख़त्म है कहानी अंगड़ाई ले रही है, फुलोंकी रानी कहानी थी एक सहजादेकी उतरा था जो बादलोंसे ढूंढ रहा था, सपनोंकी रानी हर डगर हर पल सालोंसे फिर जाने की, सोच रहा था बैठा था उदास होके Read More …

यह दुनिया

यह दुनिया छोटी है गोल है सब झूठ है सब झूठ है ऐसा ना होता तो कभी ना कभी तो वो डगर आती जिसपर तुम आँखे बिछाए खड़ी होती हो! क्योंकी मैं तो बड़ी देर से बस चलता ही जा Read More …