मन हो ना मैला

चाहे जिस नामसे पुकारा जोगी जाने बस एक नाम मन हो ना मैला चाहे जग ठगता रहे सरेआम सत्संग हो जाए जहाँ जहाँ जो गाए प्रभुनाम दिन रैन गंगा स्नान पुण उसे मिले और है वही काबेका पयाम मन हो Read More …

मन होया जे फ़कीर

मन होया जे फ़कीर ते किथ्थों कासी मक्का ? आँख जांदी ओथे मैनूँ यारही जगविच दिखदा .. मन होया जे फ़कीर मन तुझबिन सुखना पाई एक तू न मिलेया तेरे दीदारनुं तरसे राही .. मेरे यार जेया सोहणा लगदा न Read More …

जाने कितना बदलना है ?

बदलके ईन नजारोंको, जाने कितना बदलना है ? चाहे जितने बदलो, दर्याने किनारेपर रुकना है ! बदल बदल के लोगो, भूल जाओगे तुम बदलना यह भी तो मौसम है, आखिर इसने भी थमना है ! राख कर जाएगी, यह थम Read More …

फिर भी

तूफ़ान है मुक़र्रर, रातभर जलते आँखोंसे फिर भी गुजरा नहीं हूँ मैं .. उजड़ गए हैं आशियाने, ईन शाखोंसे फिर भी उतरा नहीं हूँ मैं .. बह ग़या है पानी, इस शहर के कई पुलोंसे बादलोने बदल दिए, आज सारे Read More …

अल्फ़ाज कभी तो

मुझपे ना हसो कभी तो आया करो दुनियाके इस पार तो समझ जाओगे अल्फ़ाज कभी तो है दुवा कभी आफ़त , एक मर्ज है ! अपनेही हाथोंसे कर देता हूँ टुकडे टुकडे कभी दिलके, कभी यादोंके समझती है इसे पागलपन Read More …

कहते हैं मेरे दोस्त

कहते हैं मेरे दोस्त कभी मुहब्बत ना करो .. पत्थरदिल इस दुनियाकी इबादत ना करो .. जीने ना देंगे तुम्हे कहीं और ताने भी देंगे सभी हुए नाकाम गर तो कहेंगे शिकायत ना करो .. कहते हैं मेरे दोस्त कभी Read More …

इस कदर यूँ

इस कदर यूँ रुठा ना करो के ख़ुदासे भरोसा उठ जाए आँहे ऐसे तुम भरा ना करो के दिलके शहरही लुट जाए इस कदर यूँ .. गुस्से से ऐसे सुर्ख हो गाल और मुड़के चल देना तेरा जुल्फोंको झटका ना Read More …

अभी बाकी है

कुछ बता दिया है कुछ सुनाना अभी बाकी है थोड़े मान गए हैं थोड़ा मनाना अभी बाकी है बहुत संभाला है मैंने ईस दिल को तनहाईमे बेवफा वह नहीं पर ये क्या झुल्म हैं वफाईमे जानते ते हैं वह भी Read More …

तपस्वी

नशीब … नशीब ही अशीच एक विनोदी गोष्ट .. ज्या ज्या गोष्टींना आपल्या आयुष्याशी खेळण्याचा अधिकार मिळालेला आहे त्यांच्या पैकी एक ! नशीब कुबेराला एका क्षणात भिकारी, एका भिकाऱ्याला धनी एव्हढंच काय पण एका अनोळखी माणसाला महात्मा बनवू शकतं. लोकांचे Read More …

एका नोकरदाराचे मनोगत ..

एव्हढं महात्म्यांपर्यंत जायची गरज नाहीये… सामान्य नोकरदाराचही आयुष्य नशिबावर काही कमी अवलंबून नसतं. पण नोकरदार माणसाला पळवाट नसते त्याला त्याच्यामधुनच जावं लागतं , त्यातून सुटका नाही. कधी कधी तो बोलू लागला की आश्चर्य वाटतं , फाईल बरबटवणाऱ्या आणि जोडे झिजवणाऱ्या Read More …