Tag : Poetry

उठल्या लहरी काही उठल्या लहरी काही

उठल्या लहरी काही, गेले धुवून सारे उरल्या खुणा, कधी न पुसण्याजोग्या स्वच्छ निर्मळ, पाण्यासारखा नागवा आणि व्याख्या, दृष्ट न लागण्याजोग्या त्वचेला झाकले हसून, तरी दिसतात खोल जखमा, कधी न झाकण्याजोग्या

आई आई

जेव्हा कधी मी अशा आईला बघतो की तिची ईच्छा असूनही तिचं बाळ पुढे जाऊ शकत नाही. त्या आईला काय वाटत असेल? कित्येकदा मी हेही पाहिलंय की मुलगा किंवा मुलगी दिव्यांग

The Satan’s Bar

Everyone has to go that’s the game of destiny, Some can’t find the way out Some just go early That’s how the world works in ‘The Satan’s Bar’ I haven’t

What if..

What if he never comes back ? What if you never see him again ? What if you want to feel the tears ? And all you get is pouring

अल्फ़ाज कभी तो

मुझपे ना हसो कभी तो आया करो दुनियाके इस पार तो समझ जाओगे अल्फ़ाज कभी तो है दुवा कभी आफ़त , एक मर्ज है ! अपनेही हाथोंसे कर देता हूँ

अभी बाकी है

कुछ बता दिया है कुछ सुनाना अभी बाकी है थोड़े मान गए हैं थोड़ा मनाना अभी बाकी है बहुत संभाला है मैंने ईस दिल को तनहाईमे बेवफा वह नहीं पर

तू गेलीस त्या वाटेवर.. तू गेलीस त्या वाटेवर..

कलाकाराला मिळणारा एकांत म्हणजे एक दुधारी तलवार असते .. तो एक मोहपाश असतो ज्याचा मोह सुटत नाही आणि एकदा अडकलो की पुन्हा भौतिक जगात यावस वाटत नाही. एकांत म्हणजे फक्त

Six Degrees of Freedom.. Six Degrees of Freedom..

World has started falling on me why I am going wild ? thoughts are breaking into pieces no way to find six degrees of freedom.. n no control on mind

The Falling Star.. The Falling Star..

I used to look at the sky from night till the morning I wished for once I could see a star falling Days went like winds but nights remained as

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